Mystery of Titanic | How the World's Greatest Ship Disappeared? | कैसे डूबा था टाइटैनिक | टाइटैनिक कैसे गायब हुआ? | टाइटैनिक जहाज का रहस्य क्या है? |

Mystery of Titanic | How the World's Greatest Ship Disappeared?

इस एक वजह से डूबा था टाइटैनिक! 111 साल पहले हुए हादसे की पूरी 

आखिर क्यों पानी में डूबा टाइटैनिक अभी तक नहीं निकाला गया बाहर?


नमस्कार दोस्तों बात है 10 अप्रैल 1912 की आरएमएस टाइटेनिक दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लग्जरियस जहाज अपने जमाने का अपने पहले सफर पर निकलता है ये जहां साउथ हमतों इंग्लैंड से न्यूयॉर्क जा रहा है और इसके अंदर हर तरह के लोग बैठे हैं बड़े-बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट और एक्टर से लेकर इमीग्रांट्स तक जो अमेरिका जा रहे हैं एक बेहतर जिंदगी की तलाश में इस जहाज की कमांड संभाले हैं 62 साल के सीनरी कैप्टन एडवर्ड जोंस स्मिथ पैसेंजर में पब्लिक में और मीडिया में बहुत एक्साइटमेंट है इस टाइटेनिक जहाज को लेकर आखिर ना सिर्फ ये दुनिया की सबसे बड़ी शिफ्ट है 269 मीटर लेंथ में और 50 मी से भी ज्यादा ऊंची बल्कि इसमें जो लग्जरी इस्तेमाल कारी गई है इसे बनाने के लिए उसे दिल डाला देने वाली उसे जमाने में शिव को बनाने की कॉस्ट पड़ी थी 7.5 मिलियन डॉलर्स जो की इन्फ्लेशन को अकाउंट में लेकर चलोगे तो आज के 400 मिलियन डॉलर्स के बराबर है शिव के अंदर की फैसेलिटीज और डेकोरेशन किसी फाइव स्टार होटल को भी पीछे छोड़ देंगे स्टैंड ग्लास की खिड़कियां और नेट वुड पैनल दो बड़े-बड़े ग्रैंड स्तर केसेस एक हीटेड स्विमिंग ताल तुर्किश बात इलेक्ट्रिक बात एक जिम एक स्क्वैश कोर्ट कर रेस्टोरेंट्स दो बार बार की दुकान और एक लाइब्रेरी भी

 

और तो और जी तरह के सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल किया गया था टाइटेनिक को बनाने में इस जहाज को अनसिंग केवल माना जाता था ये कैसी शिफ्ट है जो कभी दो भी नहीं शक्ति क्योंकि इतनी सेफ है ये व्हाइट स्टार लाइन उसे कंपनी का नाम था जिसने इस टाइटेनिक जहाज को बनाया था इस कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट इतने कॉन्फिडेंट इस चीज को लेकर उन्होंने पब्लिक के सामने आकर ओपनली कहा था ये जहाज अनसिंकेबल है लेकिन अपने पहले सफर पर रावण होने के सिर्फ दो ही दिन बाद 12 अप्रैल 1912 को टाइटेनिक को अपनी पहले की वार्निंग्स मिलने ग जाति हैं यानी जी अटलांटिक ओसियन पर टायर कर ये टाइटेनिक



अमेरिका की और बाढ़ रहा है वहां पर की मौजूद है बड़े-बड़े बर्फ के पहाड़ मौजूद हैं आइसबर्ग जो खतरा है इस जहाज के लिए ये वार्निंग्स को इतनी अनयूजुअल चीज नहीं है समुद्र से गुजरते वाले जहाज अक्सर अपने आसपास वाले जहाज को रेडियो के थ्रू कम्युनिकेशन करके बताते रहते हैं समुद्र के इस एरिया में बहुत ज्यादा बर्फ मौजूद है ध्यान से आगे बढ़ाना इन मॉर्निंग्स को रिसीव करने के बाद टाइटेनिक अपने कोर्स को दो बार बदलती है डेंजर को अवॉइड करने के लिए लेकिन अपनी स्पीड को कम नहीं करती

Last Titanic survivor, a baby put in a lifeboat, dies at 97 | World news | The Guardian

5 नोट जो की 40 किलोमीटर पर अवर के बराबर होता है इतनी ही तेजी से ये जहाज आगे बढ़ता राहत है अपने लक्ष्य की और दो दिन बाद 14 अप्रैल 1912 साथ और की वार्निंग्स दी जाति हैं लेकिन कैप्टन स्मिथ और उनके क्रो इन वार्निंग्स को इग्नोर कर देते हैं टाइटेनिक की रफ्तार कम नहीं करते धीरे-धीरे सूरज दल जाता है रात हो जाति है तापमान नीचे गिरता है 14 अप्रैल की रात के बड़े में खास बात ये है की चंद बाहर नहीं आया था बिना मून के कोई मून लाइट नहीं थी तो विजिबिलिटी बहुत कम थी इस रात जहाज के ऊपर एक क्रोज नष्ट होता है एक छोटा सा प्लेटफॉर्म जो काफी हाइट पर होता है लुक आउट पॉइंट का सकते हो यहां पर

किसी को बिठाकर रखा जाता है हमेशा ताकि सामने जहाज के क्या ए रहा है वो नजर रखते रहे कहानी कोई ट्रैफिक तो नहीं कहानी कोई ऑब्स्ट्रक्शंस तो नहीं ए रही है तो जो बांदा इस जगह पर बैठा था उसे बड़ी ही ठंड का सम करना पड़ता है बहुत तेज रफ्तार से ठंडी हवाएं बा रही थी ऊपर से रात का समय था और ठंडी हवाओं की वजह से आंखों से आंसू भी आने ग जाते हैं जिससे आगे देखना और भी मुश्किल हो जाता है रात के 11:39 मिनट फ्रेडरिक फ्लीट नाम का एक बांदा स्क्रूज नेट में बैठा है या अचानक से अपने सामने देखा है एक बड़ा सा बर्फ का पहाड़ है एक आइसबर्ग ए गया है जल्दी से तीन बार घंटी

 को बजना है ताकि नीचे बैठे हुए लोग सुन सकते हैं फिर फोन उठाकर कल करता है ऑफिसर्स को ब्रिज पर चिल्ला कर कहता है सामने हमारे एक आइसबर्ग जल्दी से जहाज को मोड़ो फर्स्ट ऑफिसर विलियम ब्रिज पर बैठे इस इंस्ट्रक्शन को सुनते हैं और इंजन रूम को संदेश देते हैं की जहाज को लेफ्ट डायरेक्शन में मोड दो लेकिन अनफॉर्चूनेटली बहुत लेट हो चुका है सिर्फ 1 मिनट बाद 11:40 जहाज जाकर इस आइसबर्ग से टकरा जाता है  क्या इस वर्ग भी कोई छोटा-मोटा इस वर्ग नहीं था लेंथ में यह 200 बाया 400 फिट था

 एक फुटबॉल फील्ड जितना बड़ा और हाइट में यह क्रॉस नेट तक ए रहा था साइंटिस्ट का एस्टीमेट है की इस आइसबर्ग का वजन 1.5 मिलियन टेंस था आइसबर्ग के साथ ये टकराव टाइटेनिक का जहाज के फ्रंट राइट साइड पर हुआ स्पेसिफिकली कहा जाए तो वो के पास हुआ अब वो कौन सा हिस्सा होता है जहाज का इस फोटो में आप देख सकते हैं की ये सामने का ये वाला एरिया होता है वो बो के ऊपर जो एरिया होता है उसे टर्न कहते हैं और उसके नीचे जो बाहर निकाला हुआ पार्ट होता है इसे कल कहते हैं करीब 10 सेकंड तक ये जहाज आइसबर्ग के साथ चला गया और एक बहुत बड़ा दम फैट गया इसकी वजह से शिव की में बॉडी



 में कुछ छोटे-छोटे होल्स भी ए गए आप शायद सोचोगे की कैसे पॉसिबल हो सकता है एक बर्फ का टुकड़ा एक मेटल को कैसे कैट सकता है अपने फ्रिज में राखी बर्फ को इस्तेमाल करोगे तो हां वो उससे मेटल नहीं कटेगा लेकिन ये ध्यान रखिए की एक बर्फ का पहाड़ उसका खुद का वजन कितना होता है अब खाने के लिए तो लकड़ी भी मेटल को नहीं कैट शक्ति लेकिन फिर भी आपकी मेटल की बनी गाड़ी पेड़ से टकराकर पूरा चकनाचूर हो शक्ति है तो सिमिलरली क्योंकि इस आइसबर्ग का वजन इतना था क्योंकि इतना बड़ा था इसने इस टाइटेनिक जहाज को बुरी तरीके से चोट पहुंचाई कोलिशन



 की कुछ ही सेकंड बात कैप्टन में तो शिव के आर्किटेक्ट थॉमस एंड्रयूज तुरंत पहुंचे देखने के लिए की जहाज को कितनी चोट पहुंची है इस इंपैक्ट की वजह से देखा तो उन्होंने रिलाइज किया की ये जहाज तो डब जाएगा वो कंपलीटली शौक हो गए इस चीज को देखकर इन्हें लगता था की यह जहाज तो अंत सिंह केवल है कभी डब नहीं सकते वीडियो की शुरू में मैंने बताया था इस जहाज को उन सिंह केवल माना जाता था क्योंकि जहाज के अंदर सेफ्टी फीचर्स कमल के थे दो मां सेफ्टी फीचर्स थे जिसकी वजह से इसे ऐसा माना जाता था पहले इस जहाज के अंदर एक डबल बॉटम हाल था हाल जो होता है वो जहाज की में बॉडी को



कहा जाता है डबल बॉटम हल्का मतलब है की दो लेयर्स लगी है यहां पर अगर नीचे से क्लियर टूट भी गई तो दूसरी लेयर बच्चा लगी और दूसरा जो पुरी शिव की में बॉडी है जो हाल है उसे 16 अलग-अलग वाटर टाइप कंपार्टमेंट में डिवाइड किया गया है 16 में से कर कंपार्टमेंट भी अगर पानी के भर गए तो भी जहाज तैरते रहेगा जहाज को कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन आइसबर्ग से ये जो इंपैक्ट हुआ था ये एक्चुअली मैं शिव के साइड में हुआ तो वो जो डबल बॉटम हाल था वो किसी कम का नहीं साइड में तो सिंगल लेयर ही लगी थी और दूसरा ये इंपैक्ट इतना ज्यादा बड़ा था की 16 में से छह वाटर टाइट कंपार्टमेंट



 ऑलरेडी ब्रिज हो चुके थे उनमें पानी भर चुका था लिमिट कर तक की थी छह कंपार्टमेंट का पानी से भरने का मतलब था की इस जहाज को अब डूबने से नहीं बचाया जा सकता ये अनसिंग केवल जहाज भी अब डब जाएगा टकराव के करीब 20 मिनट बाद रात के 12:00 बजे कैप्टन स्मिथ ऑर्डर करते हैं अपने करू मेंबर्स को की एक डिस्ट्रेस कल भेजो रेडियो पर जो आसपास मौजूद जहाज होंगे वो शायद से हमारे सिग्नल को पकड़ ले और हमें बचाने आज है सीनरी रेडियो ऑपरेटर जैक फिलिप्स हमारी कहानी के हीरो निकलते हैं लगातार एक के बाद एक वो डिस्ट्रेस सिगनल्स भेजते रहते हैं कोई रिस्पांस नहीं आता और भेजते हैं



 और भेजते हैं कोई तो जहाज होगा आसपास जो सुन लेने हमारे सिग्नल को 20 मिनट बाद 12:20 a.m आरएमएस कर पे थी या एक जहाज जो ब्रिटानिया के पास मौजूद था वह सिग्नल को पकड़ लेट है रेडियो पर टाइटेनिक ऑपरेटर से बात करता है और कहता है की चलो जहाज को मोड जाए टाइटेनिक की और हम उन्हें बचाने जाएंगे प्रॉब्लम बस इतनी है की यह जहाज पास था लेकिन फिर भी 160 किलोमीटर दूर था अगर ये अपनी टॉप स्पीड पर भी चलकर टाइटेनिक की तरफ जाएगा इसे टाइटेनिक तक पहुंचने में 3.5 घंटे का समय ग जाएगा 3



 5 घंटे में क्या टाइटेनिक का जहाज बच्चा र सकता है बाकी करू मेंबर्स प्लेयर्स और रॉकेट जलते हैं हवा में इस उम्मीद में की कोई आसपास मौजूद शिफ होगी तो वो ध्यान दे देगी हमारी तरफ लेकिन अनफॉर्चूनेटली कर पे थे जहाज के अलावा किसी और जहाज से कोई रिस्पांस नहीं इसी बीच कैप्टन ऑर्डर दे देते हैं की पैसेंजर को इवेक्युएट किया जाए शिफ्ट में मौजूद लाइफ बूट्स का इस्तेमाल करके प्रोटोकॉल के अनुसार औरतें और बच्चों को पहले प्रायोरिटी मिलेगी लाइफ वोट्स में बोर्ड करने की जहाज में बैठे पैसेंजर की अगर बात की जाए तो उन्हें ज्यादा डर नहीं ग रहा था ज्यादातर पैसेंजर



 मानते थे की टाइटेनिक एक उन सिंह केवल जहाज है कोई चिंता करने की बात ही नहीं आखिर जो कंपनी ने एड निकाल थी वह तो बार-बार यही कहीं जा रही थी तो हां हम टकरा गए होंगे क्या इस बार्क से लेकिन जहाज नहीं डूबने वाली इसी रीजन से जब पहले लाइफ वोट नीचे उत्तरी गई उसमें 65 लोगों की कैपेसिटी थी लेकिन सिर्फ 28 लोग उसे लाइफ वोट में गए आदि लाइफ बोर्ड खाली नीचे उतरी लेकिन टाइम के साथ-साथ एक के बाद एक कंपार्टमेंट पानी से भरत गया जहाज अब टिल्ट होने लगा धीरे-धीरे पैसेंजर ने रिलाइज करना शुरू किया की एक्चुअली में इजहाज डब सकता है और जब पैसेंजर को यह



रिलाइजेशन हुई तो जबरदस्त की और हो गया और पैनिक में लोग इधर-उधर भीड़ में भागने लगे रात के 1:00 बजे तक पानी इतना ज्यादा भर चुका था जहाज के आगे वाले कंपार्टमेंट में इतिहास का जो आगे वाला हिस्सा था जो बोथ था शिव का वो पानी के अंदर डूबने लगा इसकी वजह से जो पीछे वाला हिस्सा था टाइटेनिक का वो पानी के बाहर ए गया जो प्रोपेलर्स थे वो पानी के बाहर ए गए पीछे से जब जहाज का तेल इतना ज्यादा हुआ तो पुरी तरीके से हड़बड़ी मैच गई लोग एक दूसरे के साथ लड़ने लगे लाइफ बोट में बैठने के लिए प्रॉब्लम यह थी की लाइफ वोट्स की सख्त कमी थी जहाज



 पर सिर्फ 20 लाइव वोट्स मौजूद थी जी पर अपरोक्ष सिर्फ 1200 लोग ए सकते थे लेकिन जहाज में 2200 के करीब लोग थे रात के 2:05 आखरी लाइफ वो टाइटेनिक से पानी में उतरी हुई लेकिन जहाज में अभी भी 1500 लोग मौजूद इसके और उसके बीच कुछ लोगों ने कोशिश कारी थी लाइफ वोट में अपनी जगह चीन की लेकिन कुछ लोगों ने अपने भाग्य को मां लिया था और वो जहाज में ही रुक रहे [संगीत] आई विटनेस के अनुसार करीब 2:20 पर जहाज दो टुकड़ों में टूट गया और फिर धीरे-धीरे पानी के अंदर डब गया तीन घंटे भी नहीं लगे इस कभी ना डूबने वाले जहाज को पानी के अंदर डूबने में जो 1500 लोग जहाज पर मौजूद

 थे वो या तो जहाज के साथ पानी में डब गए या फिर जिन लोगों को तैरना आता था वो हाइपोथेमिया की वजह से मारे गए पानी का तापमान -2 डिग्री सेल्सियस इस टेंपरेचर पर अगर आप पानी में गिरोगे तो कुछ मिनट के अंदर आपकी मौत हो जाएगी ठंड की वजह से हाइपोथायमिया की वजह से टाइटेनिक जहाज के कैप्टन एडवर्ड्स में कहा जाता है अंत तक अपने व्हील पर ही बने रहे थे और जहाज के साथ दूसरी तरफ कुछ लोगों का यह भी मानना है की उन्होंने सुसाइड कर लिया था गली चलाकर अपने ऊपर जो टाइटेनिक के लोगों को बचाने निकाला था वो इस लोकेशन पर पहुंचता है 3:30 बजे के

 बीच करीब 1 घंटे लेट उन लोगों को बचाने के लिए जो जहाज पर मौजूद थे लेकिन जो लाइफ वोट्स में लोग निकाल गए थे हाथ से करीब 7005 लोग थे उन्हें यह जहाज सक्सेसफुली बच्चा लेट है कई कंट्रोवर्सी हुई कई इन्वेस्टिगेशन कराई गई और कुछ ऐसी अनजान बातें सामने आए जिसको लेकर सब लोग शक र गए कैसा लगेगा दोस्तों अगर मैं आपसे कहूं की उसे रात एक और जहाज मौजूद था टाइटेनिक से सिर्फ 37 किलोमीटर दूर जो टाइम पर पहुंच सकता था टाइटेनिक में बैठे पैसेंजर को बचाने के लिए ये बात सच है उसे जहाज का नाम था से कैलिफोर्निया टाइटेनिक क्या इस बग से टकराने से सिर्फ 1

 घंटे पहले आखरी मैसेज आइसबर्ग की वार्निंग का से कैलिफोर्निया की तरफ से ही आया था उन्होंने कहा था सावधान रहना इस समुद्र में बहुत से इस वर्ग से हैं यहां पर उसके बाद करीब 11:15 पर रात के कैलिफोर्निया जहाज में जो रेडियो ऑपरेटर था उसने अपना रेडियो ऑफ कर दिया था कैलिफोर्निया जहाज रात के लिए रुक गया था वो समुद्र में आगे नहीं चलना छह रहा था खतरे को देखते हुए खतरे को समझते हुए जहाज को रात के लिए रॉक रखा था रेडियो साउंड ऑफ था यही रीजन था की कोई डिस्ट्रेस सिग्नल नहीं पहुंच पाया इस जहां तक लेकिन यह जहाज एक्चुअली में टाइटेनिक की इतने करीब था की जो पैसेंजर

डिक पर मौजूद थे टाइटेनिक में वो होराइजन पर स्केलिपोनियन जहाज को देख सकते थे जब टाइटेनिक पर मौजूद ऑफिस स्पैंजर को लाइफ वोट्स में बिठाने ग रहे थे तो एक ऑफिसर ने दूर देख कर कहा भी था की वो देखो एक जहाज दूर दिखने ग रहा है वो जल्द ही हमें बचाने बहुत जाएगा तो इतनी चिंता करने की जरूर नहीं है लेकिन ये कैलिफोर्निया जहाज तब भी नहीं पहुंच जब रॉकेट उड़े गए और फ्लायर्स फेक गए रात के करीब 12:00 बजे के बाद रिपोर्ट किया जाता है की कैलिफोर्निया जहाज पर जो क्रो मेंबर्स मौजूद थे उन्होंने एक्चुअली में रॉकेट को देखा था उसे जहाज से निकलते हुए टाइटेनिक से

 उन्होंने अपने कैप्टन स्टैंड भी लोड को भी इन्फॉर्म किया था लेकिन जो कैप्टन लॉर्ड थे उसे जहाज पर उन्होंने कहा ये कोई डिस्ट्रेस सिग्नल नहीं टाइटेनिक में अमीर लोग जाते हैं वो पार्टी कर रहे होंगे अगर उसे रात कैलिफोर्निया जहाज के कैप्टन लॉर्ड ने इन रॉकेट और प्लेयर्स को सीरियसली लिया होता टाइटेनिक में मौजूद कितने लोगों की जान बैक शक्ति थी अगले दिन सुबह जब रेडियो ऑन करते हैं तब इन्हें सोस कॉल्स मिलती है टाइटेनिक से ये वहां पर पहुंचने हैं लेकिन तब तक बहुत लेट हो चुका होता है उन्हें सिर्फ डेड बॉडी पानी में फ्लोट करती हुई दिखती हैं दोनों इंक्वारी

 जो कारी गई थी इस इन्वेस्टिगेशन में वो कैलिफोर्निया की कैप्टन स्टेनली लॉर्ड पर ब्लेम डालते हैं लेकिन इतने बड़े डिजास्टर के पीछे सिर्फ इन एक आदमी को ब्लेम नहीं किया जा सकता और भी लोगों की गलतियां थी लाइफ वोट्स वाला जैसे मैंने बताया सफिशिएंट लाइफ वोट्स राखी ही नहीं गई थी क्योंकि जी कंपनी ने जहाज बनाया था उन्हें ग रहा था की ये जहाज तो कभी डब नहीं सकता हूं यहां पर लाइफ बोट की जरूर नहीं है इसके अलावा दूसरी चीज टाइटेनिक के जो कैप्टन थे उन्होंने सेफ्टी ड्रिल्स तक कंडक्ट नहीं करवाई थी जी दिन एक्चुअली में जाकर टाइटेनिक आइसबर्ग से टकराया उसे दिन

एक सेफ्टी ड्रिल हनी थी लेकिन कैप्टन ने वो कैंसिल कर दी ये सोचकर की इस जहाज पे क्या जरूर है ये तो अनसीन केवल जहाज है अगली बड़ी गलती थी स्टेरिंग व्हील पर मौजूद स्टार्स में रॉबर्ट हस्की उसे राज्य जब ऊपर से संदेश आया था की सामने एक आइसबर्ग है तो जो ऑफिस से डिक पर मौजूद थे उन्होंने इंस्ट्रक्शन ताकि जहाज को एक्चुअली में लेफ्ट साइड की और टर्न कर लो लेकिन पैनिक में आकर रॉबर्ट हिंसन ने इस मैसेज को मिस अंडरस्टैंड कर लिया और उन्होंने जहाज को राइट की तरफ मोड दिया यह उल्टी डायरेक्शन थी ये आइसबर्ग के और करीब ले जा रही थी जब तक इन्होंने अपनी गलती

 रिलाइज कारी तब तक बहुत लेट हो चुका था ब्रिटिश इंक्वारी नहीं ये भी पता लगाया की टाइटेनिक को इतनी साड़ी वार्निंग्स दी गई थी की आइसबर्ग है इस जगह पे आराम से चलो ध्यान रखकर चलो लेकिन फिर भी ये फूल स्पीड पर आगे बढ़ जा रहा था जहां ऐसा क्यों था क्यों कैप्टन ने यहां पर स्पीड को धीरे नहीं किया इसके पीछे कई थिअरीज बताई जाति हैं एक पॉपुलर थ्योरी सजेस्ट करती है की जो सिर्फ ब्रूस जो की अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर थे व्हाइट स्टार लाइन के जो जी कंपनी ने टाइटेनिक को बनाया था उन्होंने कैप्टन स्मिथ को इन्फ्लुएंस किया की शिव

 की रफ्तार कम नहीं हनी चाहिए प्रेशर बनाया रखा कंपनी की तरफ से यहां पर जबरदस्त प्रेशर था की इस जहाज को अपनी पहले जर्नी को सिर्फ छह दिन में ही कंप्लीट करना है ताकि एक रिकॉर्ड टूट सकें हम ये दिखा सके की जहाज टाइटेनिक ना सिर्फ सबसे महंगा सबसे बड़ा बल्कि सबसे तेज जहाज भी है एक ऐसा स्पेसिफिक इंसिडेंट हुआ था 14 अप्रैल को दोपहर को 2:00 बजे जब कैप्टन स्मिथ ने की वार्निंग को देखा और फिर जाकर जोसेफ को दिखाए की देखो की वार्निंग है इसलिए हमें स्पीड कम कर लेनी चाहिए लेकिन जोसेफनेस पेपर को लिया अपने पॉकेट में रख दिया ताकि लोगों को ना पता चले क्रो मेंबर्स को ना

 पता चले वो नहीं चाहते थे की यहां पर जहाज की स्पीड स्लो हो इसे एक डिजास्टर ने दुनिया भर में इस इंडस्ट्री को हमेशा के लिए बादल कर रख दिया कई साड़ी नई रेगुलेशंस और स्टैंडर्ड सेट किया गए जिससे की ऐसे डिजास्टर फ्यूचर में ना हो 1914 में एक इंटरनेशनल की पेट्रोल को बनाया गया जिससे की आने वाली शिप को हमेशा वर्ण किया जा सके जो आइसीइबर्ग्स उनके पास में ए रहे हैं इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ सेफ्टी ऑफ लाइफ सी यानी एस ओ ल ए एस एक ट्रीटी साइन कारी गई जिससे नए स्टैंडर्ड सेट किया शिप को लेकर जैसे की एक लाइफ बोर्ड रेगुलेशन बनाई गई की जितने भी जहाज हैं उन पर सफिशिएंट

अमाउंट ऑफ लाइफ बोर्ड हनी चाहिए हर पैसेंजर के लिए टाइटेनिक की जो रेकेज थी जब टाइटेनिक जहाज डूबा इतिहास को पानी के अंदर ढूंढने में 70 साल से ज्यादा का समय ग गया ये सिर्फ सितंबर 1985 में ही था की एक अमेरिकन ओसियन एक्सप्लोरर रॉबर्ट बैलेट और एक फ्रेंच ओशनोग्राफी इन्होंने जाकर टाइटेनिक को समुद्र के नीचे ढूंढना समुद्र के नीचे 3000800 मी यानी 3.

 8 किलोमीटर नीचे इसकी रेकेज पी गई दो अलग-अलग टुकड़े मिले शिव के ये दोनों टुकड़े एक दूसरे से 600 मी दूर थे आज के दिन इतने सालों बाद जो शिवा पानी के अंदर डूबी हुई पड़ी है एनवायरनमेंट ने इसे धीरे-धीरे इरॉट कर दिया है एक्चुअल शिफ्ट ऐसी दिखती थी और आज के दिन इस शिव का सिर्फ इतना ही हिस्सा बच्चा है रिपोर्ट किया गया है की बैक्टीरिया और अलग-अलग ऑर्गेनाइज इसके मेटल फ्रेम क को खाए जा रहे हैं और एक्सपेक्ट किया जा रहा है की साल 2030 तक ये शिवा पुरी तरीके से गायब हो जाएगी पानी के अंदर लेकिन आज के दिन 110 सालों बाद भी टाइटेनिक को लेकर जो फेसिनेशन है वो लोगों

के मां में अभी भी जारी है साल 2012 में एक ऑस्ट्रेलिया बिलियन एयर क्लिफ पाल भर ने प्लेन किया था की वह टाइटेनिक तू बनाएंगे एक ओरिजिनल टाइटेनिक जहाज का एक कॉपी कैट जहाज लाइफ साइज मॉडल इन्होंने ये भी कहा की वो से रूट पर चलेगा और उसे जहाज के अंदर एक-एक चीज बिल्कुल एक्जेक्टली इस तरीके से बनाई जाएगी जैसी उसे ओरिजिनल जहाज में हुआ करती थी ओरिजनली इस प्रोजेक्ट को 2016 तक खत्म हो जाना चाहिए ऐसा लेकिन बहुत सारे डिलेज के बाद 2022 में भी एक खत्म नहीं हुआ है कहा जाता है लोगों को इतना इंटरेस्ट नहीं है इस प्रोजेक्ट में क्योंकि अगर एग्जैक्ट

 रिप्लिका बनाया जाएगा उसे टाइटेनिक जहाज का तो उसमें कोई टेलीविजन कोई वी-फी नहीं होगा और कोई एक्चुअली में उसे नहीं करना चाहे तो हो सकता है ये अनसिंकेबल टाइटेनिक तू जहाज अपने बने से पहले ही डब गया वीडियो पसंद आया तो बरमूडा ट्रायंगल वाला वीडियो जरूर जाकर देखना और एक और वीडियो जो मेरे कमेंट करूंगा आपको वो है mh370 वाला वीडियो [संगीत]


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